भोजपुरी को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने में मॉरीशस की भूमिका महत्वपूर्ण: डॉ. सरिता बुधू

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लखनऊ। कला और संस्कृति मंत्रालय मारीशस के भोजपुरी स्पिकिंग यूनियन की अध्यक्ष डॉ. सरिता बुधू ने कहा कि मॉरीशस में भोजपुरी साहित्य काफी समृद्धि है। यूनियन भोजपुरी को सुरक्षित रखने और समृद्धि करने का कार्य करती है। मारीशस सरकार ने 2011 में इसे मान्यता प्रदान कर दी। डॉ. सरिता बुधू कुशीनगर के एक होटल में पत्रकारों से बातचीत कर रही थीं। वे जोगिया जनोबी पट्टी में आयोजित लोकरंग कार्यक्रम में भाग लेने आई हुई हैं। उन्होंने कहा कि भोजपुरी के प्रचार-प्रसार के लिए 2014 में अंतरराष्ट्रीय भोजपुरी महोत्सव की शुरूआत हुई थी। 2020 में अंतरराष्ट्रीय महोत्सव मारीशस में आयोजित होगा। इसकी घोषणा मारीशस के प्रधानमंत्री प्रवीन जगरनाथ ने बनारस में आयोजित प्रवासी भारतीय दिवस में की है। कहा कि भोजपुरी को गवारों की भाषा माना जाता था। मॉरीशस में 2013 में गीत गवाई का बड़ा उत्सव किया गया और गीत गवाई विद्यालयों की स्थापना हुई। वर्तमान में मारीशस में 50 गीत गवाई विद्यालय चल रहे हैं। मॉरीशस के प्रत्येक गांव में गीत गवाई विद्यालय खोलने की योजना है। भारत में भी मांग पर ऐसे विद्यालय खोले जाएंगे।

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