लखनऊ के बीकेटी एयरफोर्स स्टेशन पर उतरा सी-17 ग्लोबमास्टर विमान

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गोमती आवाज ब्यूरो
लखनऊ। भारतीय वायुसेना का सबसे शक्तिशाली माल वाहक विमान सी-17 ग्लोबमास्टर नवाबों के शहर की सरजमीं पर उतरा। गुरुवार को जब तीन साल बाद राजधानी स्थित बख्शी का तालाब (बीकेटी) वायुसेना स्टेशन खुला तो सी-17 ग्लोबमास्टर की लैंडिग के साथ ही भारतीय वायुसेना की रैपिड एक्शन मैनेजमेंट टीम (आरएएमटी) ने अपने हुनर, कुशलता और शौर्य का प्रदर्शन किया। गौरतलब है कि बीकेटी एयरफोर्स स्टेशन रनवे के अपग्रेडेशन के चलते तीन वर्षों से बंद था। बीकेटी एयरफोर्स स्टेशन पर फील्ड ट्रेनिंग एक्सरसाइज का चैथा दिन एयरो चिकित्सा निकासी प्रशिक्षण के साथ शुरू हुआ। हवाई चिकित्सा निकासी पर प्रदर्शन में रैपिड एक्शन मेडिकल टीम में 27 प्रशिक्षित मेडिकल और पैरामेडिकल एयर वारियर्स भी शामिल हैं। मेडेक्स-2019 के तहत लखनऊ में 18 देशों की सेनाएं सैन्य प्रदर्शन के साथ ही आपदा प्रबंधन के गुर सीख रहे हैं। इसी के तहत गुरुवार को बीकेटी एयरफोर्स स्टेशन पर ग्लोबमास्टर सी-17 की लैंडिंग हुई और इससे ऐरोमेडिकल इवेकुएशन ट्रेनिंग दी गई। दुनिया के सबसे बड़े मालवाहक जहाजों में से एक बोइंग सी-17 ग्लोबमास्टर विमान चार इंजनों से लैस है। यह कारगिल, लद्दाख और देश की अन्य कठिन जगहों पर पर आसानी से उतर सकता है। ग्लोबमास्टर एक उड़ान में 75 टन सामान ले जा सकता है। यह किसी भी अडवांस्ड लैंडिंग ग्राउंड पर आसानी से उतर सकता है। लैंडिंग में परेशानी होने की स्थिति में रिवर्स गियर की मदद से इसे वापस भी किया जा सकता है। 174 फीट लंबा यह विमान एक बार में 150 से अधिक जवानों को एक साथ ले जाने में सक्षम है। 42 हजार किमी तक की उड़ान भरने में सक्षम इस विमान में तीन हेलिकॉप्टरों या दो ट्रकों को एयरलिफ्ट करने की ताकत है। आपदा के दौरान सी-17 ग्लोबमास्टर विमान में एयरकंडीशन 50-100 बेड की सुविधा रहती है, जो मरीजों के इलाज में मदद कर सकता है। 81वीं स्क्वार्डन के ग्रुप कैप्टन को गोल्डन की देकर इस विमान को भारतीय वायुसेना में शामिल किया था।

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