यह हैं जम्मू की सबसे रहस्यमयी गुफाएं

ज्योतिष

भारत के लोगों से अगर पूछा जाए कि जन्नत यानि स्वर्ग कहां है तो आधे से ज्यादा लोगों का जवाब होता है जम्मू-कश्मीर। ऐसा कहा जाता है कि अगर किसी की जीते जी स्वर्ग देखने की इच्छा हो तो उसे अपने जीवन में कम से कम एक बार जम्मू-कश्मीर ज़रूर जाना चाहिए। इतना ही नहीं हिंदू धर्म के सबसे महत्वपूर्ण ग्रंथ शिव पुराण में भी इस बात का जिक्र किया गया है। इसमें किए गए वर्णन के अनुसार यहां पर देवासुर संग्राम हुए थे, जहां देवताओं ने असुरों को बुरी तरह से पराजित किया था। तो चलिए जानते हैं जम्मू-कश्मीर की 5 ऐसी गुफाओं के बारे में जिनके साथ गहरा रहस्य जुड़ा हुआ है-
शिव खोड़ी गुफा-
जम्मू कश्मीर के रयासी जिले में स्थित शिव खोड़ी गुफा है, जिसकी लंबाई 150 मीटर है। इस गुफा में भगवान शंकर अपने पूरे परिवार सहित विराजमान हैं। बता दें गुफा में 4 फीट ऊंचा एक शिवलिंग स्थापित है। इस गुफा की सबसे बड़ी खासियत और चमत्कारी बात ये है कि यहां शिवलिंग के ऊपर प्राकृतिक स्रोत की जलधारा गिरती है। मान्यताओं के अनुसार इस गुफा का निर्माण भगवान शंकर ने खुद किया था, जिसका कारण भस्मासुर को सबक सिखाना था। बताया जाता है कि इस मंदिर में एक सीमा बनी है, जो भी इस सीमा को पार करता है वो कभी वापिस लौटकर नहीं आता। इसके साथ ही ये भी मान्यता है कि गुफा का एक रास्ता अमरनाथ तक जाता है।
पीर खो गुफा
जम्मू की पीर खो गुफा नामक को जामवंत गुफा के नाम से भी जाना जाता है। बता दें कि ये यह गुफा तवी नदी के तट पर स्थित है। कहा जाता है कि यहां कई पीर, फकीरों और ऋ षि-मुनियों ने तपस्या की जिस कारण गुफा का नाम पीर खो गुफा के पड़ गया। तो वहीं गुफा के आस-पास रहने वाले लोगों का कहना है कि यह गुफा देश के बाहर भी कई मंदिरों और गुफाओं से जुड़ी हुई है। ये भी मान्यता प्रचलित है कि इसी गुफा में जामवंत और भगवान श्रीकृष्ण के बीच युद्ध हुआ था।
गर्भजून गुफा
वैष्णो देवी के बारे में तो लगभग सभी जानते हीं होंगे। जम्मू में वैष्णो देवी मार्ग में प्राचीन गुफा है, जिसे गर्भजून गुफा कहते हैं। कहा जाता है कि इस गुफा की बनावट ऐसी है जैसे माता का गर्भ हो। मान्यता है कि गुफा में देवी त्रिकूटा विराजमान हैं, जिन्हें माता वैष्णो देवी कहते हैं उन्होंने 9 महीने यहां निवास किया था। 9 महीने यहां विश्राम करने के बाद भैरोनाथ का वध किया था। मान्यता है कि इस गुफा मार्ग से जाकर जो भक्त देवी के दर्शन करता है उसे किसी भी जून में दोबारपा गर्भ में लौटकर नहीं आना पड़ता है।
वैष्णो देवी की गुफा
वैष्णो देवी गुफा अपने आप में रहस्य का संसार छुपाए हुए हैं। इस गुफा में देवी लक्ष्मी, सरस्वती और काली तीनों देवियों का पिण्डी रूप में निवास है। कहते हैं इस गुफा में पतली जलधारा प्रवाहित होती है, जो गंगा की धारा है। कहा जाता है कि गुफा का रास्ता काफी संकरा है लेकिन फिर भी दुबले से लेकर मोटे से मोटा व्यक्ति इस गुफा से माता के दरबार तक पहुंच जाते हैं।
अमरनाथ गुफा
हिंदू धर्म के सबसे प्रमुख गुफाओं में से एक अमरनाथ गुफा मानी जाती है। हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां भगवान शिव के दर्शन करने आते हैं। बता दें कि अमरनाथ गुफा कश्मीर के बर्फीले पहाड़ों के बीच स्थित है। इस गुफा में हर साल बर्फ से बनने वाला शिवलिंग एक सबके लिए आश्चर्य का विषय है। पौराणिक कथाओं के अनुसार भगवान शिव ने अमरनाथ गुफा में ही मां पार्वती को अमर कथा सुनाई थी। इस गुफा की सबसे हैरान कर देने वाली बात ये है कि गुफा में शिवलिंग ठोस बर्फ का बना होता है जबकि नीचे फैला बर्फ कच्चा होता है।

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