शबरीमाला प्रकरण को लेकर विहिप का प्रदेशव्यापी प्रदर्शन 13 को

राजनीति

गोमती आवाज ब्यूरो
लखनऊ। विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) ने शबरीमाला प्रकरण पर देशव्यापी जन जागरण करने का फैसला किया है। न्यायपालिका तथा केरल सरकार द्वारा हिन्दू परम्पराओं व मान्यताओं के पालन में हस्तक्षेप के विरोध में विहिप 13 फरवरी को प्रदेश भर में सभी जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन करेगी। इस संबंध में जिलों में तैयारी बैठक भी हो चुकी है। विहिप के इस अभियान में संघ परिवार भी जुटेगा। विहिप को आगे कर जनजागरण अभियान चलाया जायेगा। इसके अलावा शबरी माला प्रकरण की सच्चाई से समाज को अवगत कराने के लिए देशभर में जिलास्तर तक संगोष्ठी का भी आयोजन किया जायेगा। संगोष्ठी का आयोजन अधिवक्ता परिषद और हिन्दू जागरण मंच के कार्यकर्ता मिलकर करेंगे। प्रयागराज धर्म संसद में सबरीमाला मंदिर में परंपरा और आस्था की रक्षा करने का लिए आंदोलन करने और हिन्दू समाज के विघटन को रोकने की अपील का प्रस्ताव संतों ने पास किया था। हिन्दू जागरण मंच के प्रदेश संगठन मंत्री शिव कुमार ने कहा कि हिन्दू परम्पराओं के प्रति समाज में अश्रद्धा और अविश्वास निर्माण कर अपमानित और कलंकित करने का कुप्रयास किया जा रहा है। दक्षिण भारत का शबरीमला मन्दिर इसका ताजा उदाहरण है। विश्व हिन्दू परिषद के प्रान्त संगठन मंत्री भोलेन्द्र ने कहा कि एक ओर न्यायपालिका रामजन्मभूमि मुद्दे पर निर्णय सुनाने में विलंब कर रही है। वहीं शबरीमाला में हिन्दू परम्पराओं व मान्यताओं के पालन में हस्तक्षेप कर रही है। उन्होंने कहा कि केरल की वामपंथी सरकार जेहादी तत्वों, वामपंथी अराजक गुण्डों तथा प्रशासन के माध्यम से भगवान अयप्पा के भक्तों पर दमनचक्र चला रही है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के क्षेत्र प्रचार प्रमुख नरेन्द्र सिंह ने कहा कि शबरीमाला प्रकरण लिंग भेद का विषय नहीं है। यह आस्था का विषय है, जहां आस्था होती है वहां तर्क नहीं चलता है। भगवान अयप्पा के वहां और भी मंदिर हैं अन्य मंदिरों में सबका प्रवेश है। उन्होंने बताया कि लाखों अयप्पा भक्तों ने श्रृंखला बनाकर और अन्य प्रदर्शनों के माध्यम से मन्दिर की पुरातन परम्परा को बनाए रखने के लिए संघर्ष किया लेकिन केरल सरकार द्वारा षड्यंत्रपूर्वक इनका अपमान करने के लिए जिनकी श्रद्धा नहीं है, उनको रात में भेष बदलकर जबरन व छलपूर्वक दर्शन करवाए गए। उन्होंने बताया कि पांच भक्तों को जान से हाथ धोना पड़ा, सैकड़ों भक्तों को गिरफ्तार किया गया और 5000 प्रकरणों के माध्यम से लगभग 15,000 भक्तों को गिरफ्तार करने का षड्यंत्र केरल सरकार द्वारा गया है।

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