मंदिर निर्माण के बारे में जल्द फैसला लेना चाहिए: राज्यपाल

बड़ी खबरें

गोमती आवाज ब्यूरो
वाराणसी। प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि अयोध्या में राममंदिर निर्माण के बारे में जल्दी निर्णय लेना चाहिए। मामला देश की उच्चतम न्यायालय में चल रहा है। इसकी एक प्रक्रिया है जिसके तहत सर्वोच्च न्यायालय ने कुछ समय लिया है। प्रक्रिया के बाद इस मामले में निर्णय जल्द करना चाहिए। गुरुवार को शहर में आये राज्यपाल संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के सरस्वती पुस्तकालय में दुर्लभ पांडुलिपियों के अवलोकन के बाद मीडिया से रूबरू थे। राज्यपाल ने गरीब सवर्णों को दिए गए आरक्षण को सरकार का अच्छा निर्णय बताया। उन्होंने कहा कि सबने सहमति और एक दृष्टि से निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि मौजूदा एससी-एसटी और पिछड़ी जाति के आरक्षण को खत्म या कम न करके अलग से नया आरक्षण दिया गया है। इससे गरीब सवर्णों को भी जीवन में आगे बढऩे का मौका मिलेगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति भी इस पर अपना अनुमति देंगे।  वाराणसी में प्रवासी भारतीय सम्मेलन से जुड़े सवाल पर राज्यपाल ने कहा कि यह आयोजन वाराणसी, उत्तर प्रदेश के लिए ही नहीं पूरे भारत वर्ष के लिए महत्वपूर्ण है। इसकी शुरुआत पूर्व प्रधानमंत्री स्व.अटल बिहारी वाजपेयी ने की थी। पूरी दुनिया में रहने वाले भारतीय इस सम्मेलन के जरिये एक स्थान पर जुटते हैं और विचारों का आदान प्रदान करते है। यहां आये मेहमान वाराणसी में हुए परिवर्तन को महसूस कर यहां से जाएंगे। खास बात है कि प्रवासी काशी वासियों के घर में रूक मेहमान बनेंगे। यह बनारस और नागरिकों के लिए भी अच्छी बात है। सरस्वती पुस्तकालय में निरीक्षण से जुड़े सवाल पर राज्यपाल ने कहा कि यहां कई बार आया हूं लेकिन वाचनालय को देखने का मौका नहीं मिला था। आज निरीक्षण के दौरान दुर्लभ पांडुलिपियों को देखा। इस बार समय कम रहा लेकिन फिर यहां आकर देखूंगा। उन्होंने कहा कि इन पांडुलिपियों के संरक्षण और डिजिटललाइजेशन की बातें भी चल रही हैं।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *