राम मंदिर निर्माण के खिलाफ कोई मुसलमान नहीं: फिरंगी महली

राजनीति

मगर मुसलमान के जज्बात हैं, हम सुप्रीम कोर्ट की बात को आंख मूंद कर मानेंगे
गोमती आवाज ब्यूरो
लखनऊ। मौलाना खालिद रशिद फिरंगी महली ने राम मंदिर के मुद्दे पर कहा कि कोई भी मुसलमान राम मंदिर निर्माण के खिलाफ नहीं है, मगर मुसलमान के जज्बात हैं। हम सुप्रीम कोर्ट की बात को आंख मूंद कर मानेंगे। उन्होंने कहा कि हम राम की इमाम-ए-हिंद हैं, यह शायर अल्लामा इक़बाल ने कहा था। हम सबकी इज्जत करते हैं। मौलाना ने कहा कि जिहाद का मतलब कत्ल करना नहीं है। केवल नेकी की और तालीम की कोशिश जिहाद है। 20 करोड़ लोग ऐसे हैं जो रात की रोटी बिना खाए ही सो जाते हैं। उलमा ने अंग्रेजों के समय जिहाद के फतवे का एलान किया था। उस दौरान मुसलमान शहीद हुए थे। फिरंगी महली ने कहा कि रूस की जंग में तालिबान को आगे किया गया है। इस्लाम के लिहाज से देखे तो मजहबी लोगों ने हिंसा और आतंकवाद के खिलाफ फतवे दिया है। इस्लाम को समझने के लिए उसके मुख्य सूत्र को समझना होगा। अच्छाई के लिए काम करना जिहाद: कल्बे जव्वाद मौलाना कल्बे जव्वाद ने कहा कि जिहाद के मायने कत्ल करना नहीं है। जिहाद का मतलब अच्छाई के लिए अपनी पूरी ताकत लगा देना है। अंधेरे में चिराग जला देना भी जिहाद है। एक मजदूर जो मजदूरी कर रहा है वह भी जिहाद कर रहा है। खून बहा देना जिहाद नहीं है। दहशतगर्दों को जेहादी नहीं कहा जा सकता है। पूरी कुरान में कत्ल करना नहीं लिखा है। कुरान को पढ़ लीजिए उसमें लिखा है कि अटैक हो तो डिफेंस करो।

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