नगर निगम के 700 वाहनों में सीएनजी किट लगाने की तैयारी

उत्तर प्रदेश देश लखनऊ

लखनऊ। नगर निगम अपने 700 वाहनों से डीजल चोरी होने की घटनाएं रोकने के लिए सीएनजी किट लगाने का मन बना रही है। इसके लिए वाहनों की क्षमता अनुसार किट को लगाने के लिए सर्वे कराया जाएगा। वहीं नगर निगम की वाहन चालक एसोसिएशन ने सीएनजी किट सिस्टम को करोड़ों रुपये की बर्बादी कहा है। अपर नगर आयुक्त अमित कुमार ने रविवार को बताया कि नगर निगम के वाहनों से डीजल चोरी होने की घटनाएं नहीं रोक पाने के कारण हम परेशान हैं। नगर निगम में बैठे कुछ लोगों के वजह से लाखों रुपये का डीजल चोरी होने की जानकारी हुई है, जिसे बाहर बेच दिया जाता है। उन्होंने बताया कि इसलिए इसे रोकने के लिए एक साथ कई ठोस कदम उठाए गए। एक समिति तक जांच में लगा दी गयी लेकिन अब समिति भी असफलत साबित होती दिख रही है। डीजल चोरी की घटना रुक नहीं रही है। इसे रोकने के लिए अब सीएनजी किट को लेकर आगामी योजना बनायी जा रही है। उन्होंने बताया कि एक बार सीएनजी सिस्टम से वाहन दौडऩे लगे तो फिर चोरी रुक जाएगी। इसमें डीजल चोरी करने वाले सीएनजी गैस चोरी कर नहीं पाएंगे और कर भी लिया तो उसे बेच नहीं सकेंगे। इस तरह से वर्षों से डीजल चोरी की घटनाओं पर रोकथाम लग जाएगी। इस सिस्टम को लागू करने के लिए नगर निगम के मुख्य अभियन्ता रामनगीना को लगाया गया है। आगे उनकी रिर्पोट पर ही योजना बढ़ायी जाएगी।
ओवरलोड कूड़ा नहीं उठा पाएंगे वाहन
व्यवसायिक ड्राइवर कल्याण समिति उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष सुनील तिवारी ने हिन्दुस्थान समाचार को बताया कि सीएनजी लगाने पर कूड़ा प्रबन्धन में दिक्कत आएगी और वाहन खड़ी हो जाएगी। कूड़े के ओवरलोड को लेकर वाहन नहीं चल सकेंगे। सीएनजी सिस्टम को लाने से पहले नगर निगम जीपीसी सिस्टम लाया था। जीपीसी के आड़ में जो वाहन 20 लीटर डीजल में दौड़ते थे, उन वाहनों ने 80 लीटर डीजल लिया है। इसलिए नगर निगम को चाहिए सबसे पहले पुरानी गाडिय़ों को बदले। एक भी पुराने वाहन नहीं बदले गए हैं। अधिकांश वाहन बाहर के लोगों के नाम से है, जिसकी जांच होनी चाहिए।

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