बिना दुल्हे की बारात हैं विपक्षी दल: केशव प्रसाद मौर्य

उत्तर प्रदेश देश लखनऊ

लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव में अपना परचम फहरायेगी। विभिन्न पार्टियों का गठबंधन इनके डर का प्रतीक है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ एकजुट होने के बावजूद भी इन दलों में भय का साया व्याप्त है। यह बातें उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने हिन्दी दैनिक ‘गोमती आवाज’ से कही। पेश है बातचीत के प्रमुख अंश:
2019 के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की क्या स्थिति रहेगी?
2019 लोकसभा चुनाव भारतीय जनता पार्टी के लिए पांच साल का नहीं पचास साल का चुनाव है। 2019 में नरेन्द्र मोदी सरकार के द्वारा जो कल्याणकारी काम किये गए है उसके चलते मोदी के पक्ष में जो लहर 2014 में थी और 2017 के विधानसभा चुनाव में थी उससे भी अच्छी लहर 2019 के चुनाव में बन रही है।
अबकी बार कहीं न कहीं भाजपा भी जातिवार सम्मेलन कर रही है?
यह जो सम्मेलन हो रहें है इसे जाति या जातिवाद के आधार पर नहीं देखा जाना चाहिए। यह सामाजिक प्रतिनिधियों का सम्मेलन है और अलग-अलग सब लोग बुलाने के पीछे संगठन की योजना है। हम प्रदेश में सामाजिक प्रतिनिधि के रुप में बुला रहे है। सर्वसमाज के लोग बैठते है इसे जातिवाद सम्मेलन के रुप में नहीं देखना चाहिए। हम समाज के हर उस हिस्से को सामाजिक न्याय कहते है जो सामाजिक न्याय की दृष्टिï से समाज व भीड़ से पीछे छूट गया था और उसकी ओर किसी ने ध्यान नहीं दिया था। भाजपा सबका साथ सबका विकास के संकल्प को दोहराते हुए सर्वसमाज को जोड़ रही है। यह कार्यक्रम 2019 के लिए एक मजबूत नींव बन रहा है।
महागठबंधन को लेकर भाजपा डरी लग रही है?
महागठबंधन का डर भाजपा को क्यों होगा। यह डर उन्हें होगा जो महागठबंधन करने का प्रयास कर रहे हैं। उनके बारे में सिर्फ यही कह सकता हूं कि जो महागठबंधन करने वाले है उनकी स्थिति बिना दुल्हे की बारात है और किस दुल्हे के पास कौन बाराती चला जाएगा कोई ठिकाना नही हैं। डर तो उनको लग रहा है कि भाजपा की ताकत लगातार बढ़ रही है। भाजपा का नेतृत्व समाज व देश में गरीब उत्थान के लिए काम कर रहा है। इसमें न जाति न धर्म देखा गया है। सर्वसमाज के कल्याण के लिए ही कार्य किये जा रहे है।
राम मंदिर को लेकर कहीं न कहीं भाजपा पीछे हट रही है?
रामजन्म भूमि एक ऐसा विषय है कि जो भाजपा के लिए आज से नहीं सदा से आस्था और श्रद्घा का विषय रहा है और भाजपा ने हमेशा यह कहा है कि श्रीराम जन्म भूमि पर रामलला का भव्य मंदिर हो और हम इसका सर्मथन करते हैं। मामला सर्वोच्च न्यायालय में है, 29 अक्टूबर से सुनवाई प्रतिदिन किए जाने के का निर्णय सर्वोच्च न्यायालय ने किया था लेकिन वह सुनवाई 29 अक्टूबर को टल गई। सुनवाई टलने से राम भक्त और सन्तों में नाराजगी और पीड़ा है। जनता, रामभक्त, साधु-सन्त यह मानते है कि कांग्रेस इस मुद्दे पर सुनावई 2019 के बाद हो यही प्रयास कर रही है। भाजपा का पूरा समर्थन रामजन्म भूमि के लिए है।

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