शीतकालीन सत्र में विपक्ष सरकार को घेरने के लिए लामबंद

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सत्तापक्ष ने भी विपक्ष की रणनीति धराशायी करने को कमर कसी
गोमती आवाज ब्यूरो
लखनऊ। विपक्ष ने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी पर बुनियादी समस्याओं से ध्यान हटाने का आरोप लगाते हुये कहा है कि विधानमंडल के शीतकालीन सत्र में सरकार को जनहित के एक-एक सवाल का जवाब देने के लिये मजबूर कर दिया जायेगा। विधानमंडल का सत्र 18 दिसम्बर से शुरू होगा। इसके लिए सरकार और विपक्ष अभी से रणनीति बनाने में जुट गया है। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का कहना है कि विपक्ष के सवालों का मुनासिब जवाब दिया जायेगा। सरकार ने जनता के लिये बहुत काम किये हैं, विपक्ष के पास कहने को कुछ नहीं है। जबरदस्ती आरोप लगाना विपक्ष का शौक बन गया है।  उन्होंने कहा कि वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट योजना से लोगों को रोजगार मिल रहा है। किसानों की कर्जमाफी की गयी। उन्होंने कहा कि कुछ राज्यों में हो रहे विधानसभा के चुनाव के बाद भाजपा विधानमंडल की बैठक बुलाकर विपक्ष के सवालों के जवाब देने की रणनीति बनायी जायेगी। विपक्ष के पास असत्य आरोप लगाने के अलावा कुछ है ही नहीं। मुद्दों पर बात करने के अलावा विपक्ष सब कुछ करता है। इससे इतर, विपक्ष का कहना है कि योगी सरकार जनता को गुमराह कर रही है। बुनियादी समस्याओं से ध्यान हटाने के लिये गैरजरूरी मुद्दे उठाये जा रहे हैं। बहुजन समाज पार्टी विधानमंडल दल के नेता लालजी वर्मा ने हिन्दुस्थान समाचार से कहा कि किसानों के हित करने का दावा करने वाली योगी सरकार में किसानों का हाल सबसे ज्यादा बुरा है। गन्ने के दाम बढ़ाये नहीं गये हैं। धान की खरीद हो नहीं रही है। सरकार ने धान खरीद के लिये खूब डींग मारी गयी थी, लेकिन किसान औने-पौने दाम पर धान बेचने को मजबूर है। श्री वर्मा ने कहा कि कानून व्यवस्था की हालत ठीक नहीं है। मुठभेड़ों की जांच हो जाए तो आधे से ज्यादा फर्जी निकल जाएंगे। सरकार ने यदि काम किये होते तो अनावश्यक मुद्दों को उठाने की जरूरत ही नहीं पड़ती। जनहित के मुद्दों पर विपक्ष एकजुट है। समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और विधान परिषद सदस्य उत्तम पटेल ने कहा कि सरकार ने यदि कुछ किया होता तो उसे हनुमानजी को दलित बताने की जरूरत नहीं पड़ती। किसान बेहाल है। कानून व्यवस्था के हालात ठीक नहीं हैं। विधानमंडल के दोनों सदनों में जनहित के मुद्दों को जोरदार ढंग से उठाया जायेगा। कांगेस के अजय कुमार लल्लू कहते हैं कि धान खरीद हो या गन्ने का मसला। किसान परेशान है और इससे दु:खद बात है कि उसकी कोई सुनने वाला नहीं है। सत्ता और विपक्ष के इन बयानों के बीच विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने कहा कि उनकी कोशिश होगी कि सदन की कार्यवाही शान्तिपूर्वक चले ताकि जनता से जुड़े मसलों का हल निकल सके। श्री दीक्षित ने कहा कि सदन चलता है तो जनता का ही फायदा होता है।

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