पीएम मोदी राम मंदिर निर्माण के लिए तारीख घोषित करें: परमहंस दास

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गोमती आवाज ब्यूरो
अयोध्या। राम लला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे लेकिन तारीख नहीं बताएंगे। अब भाजपा को तारीख भी बतानी ही होगी। उक्त बातें तपस्वी छावनी मन्दिर रामघाट के महन्त परमहंस दास ने कही। राम मंदिर निर्माण के लिए आमरण अनशन कर सुर्खियों में आए परमहंस दास एक बार फिर शासन प्रशासन के लिए मुसीबत खड़ा करने जा रहे हैं। परमहंस दास ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को चेतावनी देते हुए कि अगर 5 दिसंबर तक अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की तिथि की घोषणा नहीं होती है। तो वह 6 दिसंबर बाबरी विध्वंस की बरसी के दिन अपने तपस्वी छावनी मंदिर के सामने आत्मदाह कर लेंगे। उन्होंने साफ शब्दों में कहा राम लला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे, तारीख नहीं बताएंगे। अब भाजपा को मंदिर निर्माण की तारीख बतानी ही होगी। उन्होंने कहा कि अयोध्या में मेयर से लेकर दिल्ली तक भाजपा का कब्ज़ा है, इसके बावजूद राम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त नहीं हो पा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अयोध्या आकर रामलला का दर्शन करना चाहिए और अयोध्या में राममंदिर निर्माण के लिए तारीख घोषित करानी चाहिए। तपस्वी छावनी के उत्तराधिकारी महंत स्वामी परमहंस दास ने रविवार को आश्रम पर प्रेसवार्ता में कहाकि जिस दिन उच्चतम न्यायालय ने राममन्दिर मामले की सुनवाई आगे के लिए बढ़ा दी। इससे हम सौ करोड़ हिन्दूओं का धैर्य पूरी तरह से टूट गया। अब केन्द्र में सत्तारूढ़ मोदी सरकार से उम्मीद है। वह पूर्ण बहुमत में हैं और राममंदिर के नाम पर ही सत्ता में आए। उनसे मांग करते हैं कि जिस प्रकार ट्रिपल तलाक व एससी/एसटी एक्ट पर कानून बनाया। ठीक उसी प्रकार कानून बनाकर 6 दिसंबर के पहले-पहले राममंदिर निर्माण की घोषणा करें। कहा कि यदि सौ करोड़ हिन्दूओं को न्याय देना चाहते हैं। तो जल्द से जल्द कानून बनाकर राममंदिर निर्माण की तारीख घोषित करें। महन्त ने कहाकि मुझे खेद है कि सौ करोड़ हिन्दूओं के तीर्थों में सर्वश्रेष्ठ अयोध्या जो कि हमारे आराध्य भगवान राम की जन्मभूमि है। आज तक त्रेतायुग में भगवान राम 14 वर्षों तक वनवास में थे। लेकिन इस समय की जो सरकारें हैं। उन्होंने हमारे राम को टेण्ट वास दे दिया है। सब लोग एसी में रह रहे हैं। परन्तु हमारे राम पन्नी में हैं। हम बहुसंख्यक हिन्दू समाज अब इस अपमान को कतई बर्दाश्त नहीं कर सकते। एक सवाल के जवाब में श्री दास ने कहाकि बहुत अच्छी बात है भगवान राम की प्रतिमा अयोध्या में लग रही। लेकिन उनकी प्रतिमा इतनी ऊंची होनी चाहिए, जितनी ऊंची पूरे विश्व में किसी की प्रतिमा न हो। क्योंकि भगवान राम हमारे आस्था के केन्द्र हैं। अगर राम की प्रतिमा छोटी हुई। तो यह हिन्दूओं का अपमान होगा। साथ ही साथ प्रतिमा के पूजन-अर्चन की भी व्यवस्था होना चाहिए। कहा कि बहुत खुशी की बात है सरकार महापुरुषों की प्रतिमा लगवाकर उनका सम्मान कर रही है। जिस प्रकार अभी हाल में लौह पुरूष सरदार बल्लभभाई पटेल की प्रतिमा लगी। वह काबिले तारीफ है। अयोध्या में लगातार दो वर्षों से दीपोत्सव पर्व की परम्परा शुरू करने के लिए सीएम योगी को बहुत-बहुत साधुवाद है। वह बधाई के पात्र हैं। इस तरीके से इतना बड़ा और भव्य कार्यक्रम मुख्यमंत्री यहां कर रहे हैं। महन्त परमहंसदास ने कहाकि राम के नाम पर एक विवि की स्थापना होनी चाहिए, जिसका नाम लार्ड राम यूनिवर्सिटी हो। जहां भारतीय संस्कृति के अनुरूप शिक्षा का स्तर शिखर को छुए।

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