मदरसों में युवतियों को दी जाएगी ट्रेनिंग

उत्तर प्रदेश देश लखनऊ

स्कूल-कॉलेजों के अलावा अब पिंक बेल्ट मदरसा अभियान की शुरुआत की जाएगी
गोमती आवाज ब्यूरो
लखनऊ। स्कूल-कॉलेजों के अलावा अब पिंक बेल्ट मदरसा अभियान की शुरुआत जल्द ही की जाएगी। मदरसों में युवतियों को सुरक्षा संबंधी जानकारियां दी जाएंगी। प्रोजेक्ट के हेड सत्यार्थ भदौरिया ने बताया कि पिंक बेल्ट टीम के पांच ट्रेनर मदरसों में जाकर युवतियों को ट्रेनिंग देंगे। यूपी के इमामों से बातचीत कर उनकी सहभागिता बढ़ाई जाएगी। अभियान को जल्द ही यूपी के 20 शहरों में शुरू किया जाएगा। फिलहाल आगरा, मथुरा और लखनऊ में इसकी पहल की गई है, जहां इसके अच्छे परिणाम मिले हैं। दिमागी दीमकों को खत्म करने के लिए उठाया कदम: मां, बहन, पत्नी और न जाने किन-किन रिश्तों से बंधी होती हैं महिलाएं। बेटियां आज परंपरा संस्कार और जिम्मेदारी से घिरी हुई हैं। उनको नारी के अस्तित्व की पहचान कराना जरूरी हो गया है ताकि समाज की दीमक वाली दीमागी सोच महिलाओं को अंदर से खोखला न कर पाए। इसके लिए हम लोगों को आगे आकर उनको उनकी शक्ति का अहसास कराना है। यह बातें मार्शल आर्ट में 16 बार नेशनल चैंपियन रह चुकीं अपर्णा राजावत ने कहीं। शादी न करने का फैसला ले चुकीं अपर्णा ने बिना परिवार की सहायता के देश में महिलाओं के साथ होने वाली घटनाओं से दुखी होकर 28 फरवरी 2018 को आगरा से पिंक बेल्ट अभियान को शुरू किया। आज उनका यह अभियान 7 राज्यों के 25 शहरों में अपने पंखों से महिलाओं में ऊर्जा का संचार कर रहा है। इसमें अब तक उन्होंने तीन लाख महिलाओं-युवतियों को प्रेरित किया है।
20 कॉलेजों की 100 लड़कियों को प्रशिक्षित किया
चुप्पी तोड़ आगे बढ़ी नारी, तू सब पर पड़ेगी भारी, इन आवाजों की गूंज पिंक बेल्ट कार्यशाला में सुनने को मिली। वीमेन पावर लाइन 1090 और यूनिसेफ के सहयोग से 1090 के कार्यालय में हुई। कार्यशाला में 20 कॉलेजों की 100 लड़कियों को प्रशिक्षित किया गया। अंतरराष्ट्रीय मार्शल आर्ट चैपियन और पिंक बेल्ट मिशन की फाउंडर अपर्णा राजावत ने युवतियों को प्रशिक्षित किया। कार्यक्रम के समापन के मौके पर उन्होंने कहा कि महिलाओं पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ महिलाओं को ही आवाज उठानी होगी और आगे आना होगा। इस अवसर पर आशा सिंह, कुनिका सिंह, कौशांबी ने लड़कियों को कानूनी अधिकारों, गुड टच-बैड टच, डिजिटल सेफ्टी, मानसिक बल और शारीरिक सुरक्षा जैसे विषयों पर जानकारी दी। देहातों में देंगी प्रशिक्षण: अवध गल्र्स डिग्री कॉलेज की सानिया, अंजुम ने बताया कि यह एक बेहद अच्छा अनुभव रहा। उन लोगों को कार्यशाला में जो शिक्षा मिली है उसको गांव-गांव जाकर महिलाओं के संग साझा करेंगे। अपर्णा ने बताया कि पिंक बेल्ट के वाट्सएप ग्रूप के 6399799997 नंबर पर जुड़े अभियान का हिस्सा महिलाएं बन सकती हैं। मिशन से जुड़े लड़के भी: अभियान से न सिर्फ लड़कियां बल्कि लड़के भी जुड़ रहे हैं। पिंक बेल्ट अभियान में 17 से 30 साल के 300 पुरुष जड़े हैं जो समाज को महिला सशक्तिकरण के लिए जागरूक कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि कंधे से कंधा मिलाकर महिलाएं एक साथ चल सकें इसके लिए पुरुषों की भगीदारी भी उतनी ही जरूरी है जितनी महिलाओं की।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *