चुनाव के पहले सांप्रदायिक मुद्दे उठाना वोट बैंक की राजनीति : शबाना

राजनीति

वाराणसी। पूर्व राज्यसभा सदस्य और जानी मानी सिने तारिका पद्मश्री शबाना आजमी ने शुक्रवार को राजनेताओं पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राजनेता आमजन को रोटी, कपड़ा और मकान तो मुहैया नहीं करा सकते लेकिन धर्म के नाम पर धमाल करते हैं। चौबेपुर बर्थरा खुर्द गांव में महिला सशक्तिकरण पर आधारित चौपाल में भाग लेने के बाद शहर में आई शबाना आजमी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि चुनाव के पहले ऐसे सांप्रदायिक मुद्दे उठाए जाते हैं। यह एक तरह की वोट बैंक की राजनीति है। देश के लिए नुकसानदेह सोच हैं। उन्होंने कहा कि हमें अब खुद तय करना होगा कि हम क्या चाहते हैं। हिन्दुओं को तय करना होगा कि वे स्वामी विवेकानंद बनना चाहते हैं। मुस्लिमों को तय करना होगा कि वो मौलाना आज़ाद बनना चाहते हैं। मॉब लीचिंग से जुड़े सवाल पर सिने तारिका ने कहा कि जहां भी और जब भी कानून अपना काम नहीं करेगा तो वहां एक भावना रह जाती है कि हमारे साथ नाइंसाफी हुई हैं। यह अगर बड़े पैमाने पर हो तो वह कोई भी रूप ले सकती है। मीटू से जुड़े सवाल पर बेबाकी से शबाना ने कहा कि औरतों के लिए यह बहुत ज़रूरी है कि वह जहां काम करती है वह जगह उनके लिए महफूज हो। मुझे इस बात की खुशी है कि फिल्म इंडस्ट्री देर आयी पर दुरुस्त आयी। हमारी फिल्म इंडस्ट्री ने इस मुद्दे पर बहुत सख्त क़दम उठाया है।

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