बिडाकुलीन से टीबी मुक्त भारत की राह होगी आसान: डॉ. महेन्द्र सिंह

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गोमती आवाज ब्यूरो
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य राज्यमंत्री डा. महेन्द्र सिंह ने बुधवार को केजीएमयू के सेल्वी हाल में उत्तर प्रदेश के नोडल डीआरटीबी सेंटर द्वारा आयोजित कार्यक्रम में एमडीआर टीबी के मरीजों के लिए बिडाकुलीन नामक नई औषधि देने का अनुमोदन किया। इस मौके पर बोलते हुए स्वास्थ्य राज्यमंत्री डा. महेन्द्र सिंह ने कहा कि नई दवा बिडाकुलीन से टी.बी.मुक्त भारत की राह आसान होगी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से क्षय रोग नियंत्रण कार्यक्रम को पूर्ण समर्थन एवं सहयोग दिया जाएगा। राज्य मंत्री ने एमडीआर टीबी के एक रोगी को बिडाकुलीन की प्रथम खुराक दी गई। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर एमएलबी भटट् ने इस अवसर पर कहा कि क्षय रोग नियंत्रण हेतु केजीएमयू क्षय रोग नियंत्रण कार्यक्रम को पूर्ण समर्थन देगा। उत्तर प्रदेश क्षय रोग नियंत्रण टास्क फोर्स के चेयरमेन एवं रेस्पीरेट्री विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. सूर्यकांत ने बताया कि प्रधानमंत्री द्वारा 2025 तक टी.बी. मुक्त भारत की घोषण की जा चुकी है और इस संबंध में नवीन टी.बी.नोटिफिकेशन, नि:क्षय पोषण योजना के अंतर्गत प्रत्येक टी.बी. के मरीज को 500 रूपए प्रतिमाह की दर से पोषण भत्ता तथा टी.बी. के रोगियों की सक्रिय खोज जैसी योजनाएं प्रारम्भ की गई हैं। डॉ. सूर्यकांत ने बताया कि टी बी या क्षय रोग एक प्रमुख विश्वव्यापी स्वास्थ्य समस्या है। दुनिया के 27 प्रतिशत टी.बी. के मरीज भारत में रहते हैं। देश के लगभग 25 प्रतिशत ड्रग रेसिस्टेंट ट्यूबरकुलोसिस के मरीज उत्तर प्रदेश में हैं। पूरे प्रदेश में 16,500 ड्रग रेसिस्टेंट ट्यूबरकुलोसिस के मरीजों का उपचार चल रहा है, जिसमें से 900 मरीज एक्स.डी.आर. के हैं।उत्तर प्रदेश में 141 सी.बी. नाट की मशीनें हैं तथा पांच कल्चर्ड डीएसटी लैब हैं, जहां टी.बी.के मरीजो का इलाज होता है। बिडाकुलीन एक नई दवा है, जो ड्रग रेसिस्टेंट ट्यूबरकुलोसिस के मरीजों के लिए बनाई गई है। प्रोग्रामेटिक मैनेजमेंट ऑफ ड्रग रेसिस्टेंट ट्यूबरकुलोसिस पीएमडीटी में आर.एन.टी.सी.पी. के तहत भारत में ड्रग रेसिस्टेंट ट्यूबरकुलोसिस के लिए बिडाकुलीन का अनुमोदन प्रदान किया है। लखनऊ के बाद शीघ्र ही बिडाकुलीन का विस्तार चरणों में सम्पूर्ण उत्तर प्रदेश में किया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि नई दवा बिडाकुलीन के प्रयोग से एम.डी.आर.टी.बी. के उपचार में प्रभावी मदद मिलेगी। इस अवसर पर स्टेट टी.बी. अफसर डॉ. संतोष गुप्ता ने कहा कि के.जी.एम.यू. में आने वाले सभी मरीजों को उत्तर प्रदेश क्षय रोग नियंत्रण इकाई द्वारा नियमित दवाएं प्रदान की जाएंगी तथा हरसंभव मदद की जाएगी। कार्यक्रम में विधायक डॉ. हरेन्द्र प्रताप सिंह, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एस.एन.शंखवार, कम्यूनिटी मेडिसन विभाग के डॉ. एस.के.सिंह, जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. बी.के.सिंह, रेस्पेरेट्री मेडिसन विभाग के प्रोफेसर आर.एस.कुशवाहा, प्रोफेसर राजीव गर्ग, डॉ. अजय कुमार वर्मा, डॉ.आनन्द श्रीवास्तव, डॉ. दर्शन बजाज, पोलमोनरी एवं क्रिटिकल केयर विभाग केे डॉ. वेद प्रकाश, डॉ. उमेश त्रिपाठी के साथ ही विश्व स्वास्थ्य संगठन तथा क्षय रोग नियंत्रण में कार्यरत विभिन्न कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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