सपा कार्यकर्ता सेक्युलर मोर्चा में शामिल होकर अखिलेश को देंगे झटका

अन्य बड़ी खबरें

लोहिया वाहिनी के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ने किया शिवपाल यादव के मोर्चे में शामिल होने का ऐलान
गोमती आवाज ब्यूरो
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले मेें समाजवादी पार्टी के पूर्व नेता शिवपाल सिंह यादव का सेक्युलर मोर्चा अब बुन्देलखण्ड में विस्तार लेने लगा है। झांसी मण्डल में पैठ जमाने के बाद इस मोर्चा ने चित्रकूट धाम बांदा मण्डल में नेटवर्क फैलाया है। सपा लोहिया वाहिनी के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष छत्रपाल सिंह यादव ने बुधवार को सेक्युलर मोर्चा में शामिल होने का ऐलान करते हुये समाजवादी पार्टी के मुखिया पर गंभीर आरोप लगाये हैं। जिले के सुमेरपुर ब्लाक की ग्राम पंचायत कल्ला में सपा के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष छत्रपाल सिंह यादव ने बताया कि वह सपा छोड़कर अब शिवपाल सिंह यादव के सेक्युलर मोर्चा ज्वाइन करेंगे क्योंकि सपा सुप्रीमो एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव कार्यकर्ताओं और नेताओं को तनिक भी सम्मान नहीं देते है। वह राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद अभिमान में आ गये है। उन्होंने बताया कि शिवपाल सिंह यादव ने हमेशा कार्यकर्ताओं को सम्मान दिया है। जहां सम्मान होगा कार्यकर्ता वहीं काम करेगा। सपा लोहिया वाहिनी के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ने बताया कि झांसी मण्डल में तमाम सपा के बड़े नेता शिवपाल सिंह यादव के मोर्चे की सदस्यता ले चुके है। अब चित्रकूट धाम बांदा मण्डल में बांदा जिलाध्यक्ष की घोषणा कर दी गयी है। चित्रकूट, हमीरपुर में भी जल्द जिलाध्यक्ष घोषित होंगे। सपा के किसी बड़े नेता को जल्द ही मण्डल का अध्यक्ष घोषित किया जायेगा। उन्होंने बताया कि मण्डल में सेक्युलर मोर्चा के विस्तार होते ही सपा का इस पूरे क्षेत्र मेें अस्तित्व समाप्त हो जायेगा क्योंकि ज्यादातर सपाईयों का सपा से मोह भंग हो गया है। वह कई जिला पंचायत सदस्यों, सैकड़ों ग्राम प्रधानों व क्षेत्र पंचायत सदस्यों के साथ सेक्युलर मोर्चा में जल्द ही शामिल होंगे। बता दे कि सपा नेता छत्रपाल सिंह यादव सपा कोटे महोबा जिलरई के ब्लाक प्रमुख है। इनकी सास ज्ञानदेवी महोबा की जिला पंचायत अध्यक्ष रह चुकी है। इनकी पत्नी नीरज यादव भी मौजूदा में जिला पंचायत सदस्य है। सपा नेता छत्रपाल सिंह यादव को पूर्व विधायक दीप नारायण सिंह यादव का करीबी माना जाता है। शिवपाल सिंह यादव के मोर्चे में सपा के कद्दावर और जमीनी नेताओं की इन्ट्री होने से बुन्देलखण्ड में अखिलेश यादव की पार्टी को तगड़ा झटका लग सकता है।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *