योगी सरकार का व्यापारियों को तोहफा

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अब तीन महीने में भरना होगा रिटर्न
गोमती आवाज ब्यूरो
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने व्यापारियों की लम्बे समय से चली आ रही मांग मानते हुये बुधवार को वस्तु एवं सेवाकर जीएसटी का रिटर्न दाखिल करने की समय सीमा एक महीने से बढ़ाकर तीन महीने करने के साथ ही एकमुश्त समाधान योजना की राशि डेढ़ करोड़ रूपये कर दी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में इस आशय के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गयी। नवरात्रि के पहले दिन व्यापारियों को दिये गये इस तोहफे के तहत पांच करोड़ रूपये तक मासिक लेन देन करने वाले व्यापारी अब तीन महीने में रिटर्न दाखिल कर सकेंगे। इससे पहले हर महीने रिटर्न दाखिल करना अनिवार्य था। राज्य सरकार के प्रवक्ता और विद्युत मंत्री श्री कांत शर्मा ने बताया कि कम्पोजीशन की सीमा एक करोड़ रूपये से बढ़ाकर डेढ़ करोड़ कर दी गयी है। इसके साथ ही ई-कामर्स आपरेटर्स एक पैन कार्ड पर कई रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे। अभी तक एक पैन कार्ड पर एक ही पंजियन होता था। आपरेटर्स के खिलाफ कार्रवाई के दौरान पंजियन निलम्बित रहेगा। एक सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि अखबार छापने की सामग्री पर जीएसटी पांच प्रतिशत किये जाने पर विचार चल रहा है,हालांकि इस पर अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया है। इसके साथ ही सरकार ने अपने एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय में शीरे को आरक्षित करने का कोटा आधा प्रतिशत बढ़ाकर इसे साढ़े बारह फीसदी कर दिया।अभी तक यह 12 प्रतिशत था। उन्होंने बताया कि देशी मदिरा के लिये 12 और विदेशी मदिरा के लिये ढाई प्रतिशत शीरा आरक्षित होगा। श्री शर्मा ने बताया कि इस निर्णय से एथेनाल बनाने के लिये प्रोत्साहन मिलेगा। चालू वित्तीय वर्ष में 555 कुन्तल शीरा आरक्षित होने की सम्भावना है।

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