भारत-मुकुट थे डॉ. लोहिया

डॉ. वेदप्रताप वैदिक 1967 में जब दिल्ली के विलिंगडन अस्पताल में वे बीमार थे, मैं वहां रोजाना जाया करता था। उन्हें देखने के लिए जयप्रकाश नारायण, इंदिरा गांधी, जाकिर हुसैन, मोरारजी देसाई और कौन-कौन नहीं आता था ? राजनारायणजी तो पास के एक कमरे में ही रहने लगे थे। मैं भी आखिरी तीन-चार दिन अस्पताल […]

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रक्षा सौदों पर बने पारदर्शी व्यवस्था

इस वर्ष पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव और अगले वर्ष होने वाले लोकसभा चुनाव के मद्देनजर राफेल मामले को लेकर सरकार और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के बीच जबरदस्त घमासान चल रहा है। इसे लेकर जिस तरह के आरोप-प्रत्यारोप की घृणित राजनीति चल रही है, उसके चलते ‘राफेल का भूत’ तीन दशक पुराने ‘बोफोर्स के […]

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आगामी चुनावों की बुजुर्ग भूमिका

पंडित सुखराम ने सियासत के अपने पहिए घुमाकर यह बता दिया कि उनकी मंजिल और मकसद अभी जवां है। दरअसल हिमाचल की राजनीति तीव्रता से सुखराम, शांता कुमार, वीरभद्र सिंह और प्रेम कुमार धूमल की शाखाओं से निकलकर अपनी अलग आजमाइश में कहावतें बदलना चाहती है, लेकिन एक साथ कई प्रश्न खड़े होते हैं। सुखराम […]

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रेफल-सौदा: गले की चट्टान

डॉ. वेदप्रताप वैदिक सर्वोच्च न्यायालय ने रेफल-सौदे पर उंगली उठा दी है। उसने सरकार से यह पूछा है कि वह उसे सिर्फ यह बताए कि इन रेफल विमानों की खरीद का फैसला कैसे किया गया है ? अदालत को इससे मतलब नहीं कि इन विमानों को तिगुना पैसा देकर क्यों खरीदा गया है और तकनीकी […]

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हिंदी को न्याय की भाषा बनायें मोदी

सितंबर माह हिंदी की सेवा में बीता। जिसे देखो वही हिंदी का पक्षधर बना घूमता नजर आया। सरकारी संस्थानों में भी हिंदी की खूब कदर रही। पितृपक्ष में जैसे पितरों को तिलांजलि देकर विदा कर दिया जाता है, वैसा ही कुछ मंजर अक्टूबर में हिंदी के साथ देखने को मिला। आषाढ़ के बाद जल से […]

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सवाल चुनावी भक्ति का

भक्ति और धर्म व्यक्तिगत आस्था के मुद्दे हैं। यह मौलिक अधिकार संविधान ने सभी भारतीय नागरिकों को दिया है। किसी खास धर्म, भाषा, जाति, संप्रदाय, लिंग आदि के आधार पर चुनाव भी नहीं लड़े जा सकते। हालांकि यह हमारी विडंबना है कि चुनाव इन्हीं आधारों पर लड़े जाते रहे हैं। क्या 2019 का आम चुनाव […]

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बलात्कार: भारत कैसे बचे?

डॉ. वेदप्रताप वैदिक अमेरिका में चले मी टू (मैं भी) अभियान की तरह महिलाओं का अभियान अब भारत में भी चल पड़ा है। अब कई महिलाएं खुलकर बता रही हैं कि किस अभिनेता या किस संपादक या किस अफसर ने कब उनके साथ बलात्कार करने, अश्लील हरकतें करने, डरा-धमकाकर व्यभिचार करने की कोशिशें की हैं। […]

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बुलेट ट्रेन नहीं, ट्रेन हादसों पर सोचिए

पिछले साल जुलाई से नवंबर तक तीन बड़े हादसे रायबरेली, भदेही और कानपुर में हुए। अब रायबरेली के हरचंदपुर में हुए रेल हादसे ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की बुलेट ट्रेन पर प्रश्न चिन्ह लगा दिया है। लापरवाही और वर्षो पुरानी पटरियों पर चलने वाली साधारण रेलवे व्यवस्था को अत्याधुनिक बनाने में केन्द्र की मोदी सरकार […]

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दिल्ली की हवाओं में जहर

पंजाब और हरियाणा के किसान अब भी खेतों में पराली जला रहे हैं। नतीजतन उसके धुएं से प्रदूषण है। अनुमान है कि इस सीजन में करीब 100 लाख टन पराली जलाई जाएगी। कुल पराली 220 लाख टन के करीब बताई जाती है। दिल्ली में सफाई कर्मियों की एक बार फिर हड़ताल के कारण चारों ओर […]

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उत्तर भारतीयों का भी है भारत

गुजरात में पिछली 28 सितंबर को अहमदाबाद से 100 किलोमीट दूर बनासकांठा के हिम्मतनगर शहर के पास एक दुधमुही बच्ची के साथ बलात्कार की घटना के बाद वहां के बहुत से शहरों में बिहारी और उत्तर प्रदेश के मजदूरों के साथ योजनाबद्ध तरीके से मारपीट होती रही। मारपीट से डरे-सहमे लोग अब अपनी जान बचाने […]

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