महिला शिक्षा की अलख जगाई थीं सावित्रीबाई फुले ने

समाज में नई जागृति लाने के लिए कवयित्री के रूप में सावित्रीबाई फुले ने 2 काव्य पुस्तकें ”काव्य फुले”, ”बावनकशी सुबोधरत्नाकर” भी लिखीं। उनके योगदान को लेकर 1852 में तत्कालीन ब्रिटिश सरकार ने उन्हें सम्मानित भी किया। उन्नीसवीं सदी के दौर में भारतीय महिलाओं की स्थिति बड़ी ही दयनीय थीं। जहां एक ओर महिलाएं पुरुषवादी […]

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क्यों मनायी जाती है श्रीमद्भगवतगीता की जयन्ती

गीता ग्रन्थ में कहीं भी ‘श्रीकृष्ण उवाच’ शब्द नहीं आया है, बल्कि ‘‘श्री भगवानुवाच’’ का प्रयोग किया गया है। वेदों और उपनिषदों का सार के अलावा मनुष्य को इस लोक और परलोक दोनों में मंगलमय मार्ग दिखाने वाला गीता ग्रन्थ है। विश्व के किसी भी धर्म या सम्प्रदाय के किसी भी ग्रन्थ का जन्म-दिन नहीं […]

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‘सिख’ समुदाय को नानक देव ने मानवता का पाठ पढ़ाया

भारतभूमि विभिन्न धर्म-संप्रदायों की भूमि रही है। इस उदारभूमि ने सभी धर्म के लोगों को अपनी उपासना-पद्धति और स्वतंत्र रूप से अनुष्ठान करने का अधिकार दिया है। शायद ही विश्व का कोई देश हो, जहां भारत जैसी धार्मिक विभिन्नताएं और उनका पालन करने की पूर्ण स्वतंत्रता हो। इसी भारतभूमि ने मानव जीवन का जो अंतिम […]

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जब गुरु नानक देव के चरणों के साथ घूमने लगा था काबा

साऊदी अरब के शहर मक्का में स्थित है काबा। काबा इस्लाम धर्म को माननेवलों के लिए सबसे बड़ा धार्मिक स्थल है। इस्लाम के अनुयायी नमाज अदा करते समय अपना मुख काबा की तरफ ही रखते हैं। इतिहास की एक घटना सिख और इस्लाम धर्म से जुड़ी है। यह घटना इस बाद का संदेश देती है […]

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बच्चों के विकास पर हमारा विशेष ध्यान आवश्यक पं. नेहरू

बच्चों! आपके प्रिय नेता और देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के जीवन में आपकी खास अहमियत थी। उनका मानना था कि भविष्य निर्माण में भावी पीढ़ी बहुत मायने रखती है, इसलिए बच्चों के विकास पर हमारा विशेष ध्यान आवश्यक है। प्रेम और सरलता से भरा उनका स्वभाव बच्चों को भी बहुत पसंद था […]

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राम नाम के जाप ने डाकू रत्नाकर को बना दिया महर्षि वाल्मीकि

आज वाल्मीकि जयंती है। महर्षि वाल्मीकि का वास्तविक नाम रत्नाकर था। इनका पालन पोषण भील समुदाय में हुआ था। भील राहगीरों को लूटने का काम करते थे और वाल्मीकि भी इस काम में लिप्त थे। हालांकि इसे लेकर कई और बाते भी पढ़ने को मिलते है। कुछ मान्यताओं के अनुसार यह भी कहा जाता है […]

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अमेठी का मां अहोरवा भवानी का प्राचीन मंदिर

दिन भर में तीन रूप में परिवर्तित होती है मूर्ति गोमती आवाज ब्यूरो लखनऊ। अमेठी की जमीन पर धार्मिक अनुष्ठान के बहुतेरे केंद्र हैं। इन्हीं में एक नाम मां अहोरवा भवानी का प्राचीन मंदिर है, जिसे अहोरवा भवानी के नाम से जाना जाता है। नवरात्रि में यहां भक्तों की अपार भीड़ जुटती है। जिला मुख्यालय […]

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सच्चे कर्मयोगी है डॉ. कलाम

  भारत माँ के महान सपूत, मिसाइल मैन, राष्ट्र पुरुष, राष्ट्र मार्गदर्शक, महान वैज्ञानिक, महान दार्शनिक, सच्चे देशभक्त ना जाने कितनी उपाधियों से पुकारा जाता था भारत रत्न डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम जी को। वह सही मायने में भारत रत्न थे। इन सबसे भी बढ़कर डॉ. अब्दुल कलाम एक अच्छे इंसान थे। जिन्होंने जमीन से […]

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उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद

आठ अक्टूबर की तारीख इतिहास में धनपत राय श्रीवास्तव की पुण्यतिथि के तौर पर दर्ज है। कुछ लोगों को यह नाम कुछ अनजाना सा लग सकता है, लेकिन अगर कहें कि आठ अक्टूबर 1936 को मुंशी प्रेमचंद का निधन हुआ तो कलम के जादूगर को हर कोई पल में पहचान जाएगा। हिन्दी और उर्दू के […]

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