‘‘ भारत के इतिहास को ही बदलने स्वामी दयानंद ’’

195 वर्ष पूर्व टंकारा गुजरात में 12 फरवरी सन् 1824 को श्री कर्षण जी तिवारी तथा श्रीमती यशोदा बेन के घर एक विलक्षण बालक ने जन्म लिया। माता-पिता को यह आभास भी नहीं था कि यह बालक बड़ा होकर भारत के इतिहास को ही बदल देगा। जैसे-जैसे बालक बड़ा होता गया, विधि के विधान ने […]

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मानवता के प्रचारक गुरु रविदास जी

श्री गुरु रविदास महाराज जी दबे-कुचले साधनहीन लोगों को आजाद करवा कर स मानपूर्वक जीवन जीने की उच्च कोटि की सूझ-बूझ रखने वाले खोजकत्र्ता, इतिहासकार, क्रांतिकारी महान विद्वान थे। इनके जन्म तथा जीवन काल के समय भारत की ज्यादातर रियासतों पर मुगलों का राज  था। यह युग अंधकारमय था।इस युग में राज सत्ता हासिल करने […]

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माँ सरस्वती की आराधना का पर्व है बसंत पंचमी

माना जाता है कि बसंत पंचमी के दिन ही मां सरस्वती का जन्म हुआ था। इसीलिए लोग न केवल उनकी आराधना करते हैं बल्कि उत्सव भी मनाते हैं। पहली बार विद्यालय जाने वाले बच्चों को भी कलम−दवात से लिखना सिखाया जाता है। माघ का महीना लगते ही शरद ऋतु अपना बोरिया बिस्तर बांधने में जुट […]

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महिला शिक्षा की अलख जगाई थीं सावित्रीबाई फुले ने

समाज में नई जागृति लाने के लिए कवयित्री के रूप में सावित्रीबाई फुले ने 2 काव्य पुस्तकें ”काव्य फुले”, ”बावनकशी सुबोधरत्नाकर” भी लिखीं। उनके योगदान को लेकर 1852 में तत्कालीन ब्रिटिश सरकार ने उन्हें सम्मानित भी किया। उन्नीसवीं सदी के दौर में भारतीय महिलाओं की स्थिति बड़ी ही दयनीय थीं। जहां एक ओर महिलाएं पुरुषवादी […]

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क्यों मनायी जाती है श्रीमद्भगवतगीता की जयन्ती

गीता ग्रन्थ में कहीं भी ‘श्रीकृष्ण उवाच’ शब्द नहीं आया है, बल्कि ‘‘श्री भगवानुवाच’’ का प्रयोग किया गया है। वेदों और उपनिषदों का सार के अलावा मनुष्य को इस लोक और परलोक दोनों में मंगलमय मार्ग दिखाने वाला गीता ग्रन्थ है। विश्व के किसी भी धर्म या सम्प्रदाय के किसी भी ग्रन्थ का जन्म-दिन नहीं […]

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जब गुरु नानक देव के चरणों के साथ घूमने लगा था काबा

साऊदी अरब के शहर मक्का में स्थित है काबा। काबा इस्लाम धर्म को माननेवलों के लिए सबसे बड़ा धार्मिक स्थल है। इस्लाम के अनुयायी नमाज अदा करते समय अपना मुख काबा की तरफ ही रखते हैं। इतिहास की एक घटना सिख और इस्लाम धर्म से जुड़ी है। यह घटना इस बाद का संदेश देती है […]

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बच्चों के विकास पर हमारा विशेष ध्यान आवश्यक पं. नेहरू

बच्चों! आपके प्रिय नेता और देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के जीवन में आपकी खास अहमियत थी। उनका मानना था कि भविष्य निर्माण में भावी पीढ़ी बहुत मायने रखती है, इसलिए बच्चों के विकास पर हमारा विशेष ध्यान आवश्यक है। प्रेम और सरलता से भरा उनका स्वभाव बच्चों को भी बहुत पसंद था […]

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राम नाम के जाप ने डाकू रत्नाकर को बना दिया महर्षि वाल्मीकि

आज वाल्मीकि जयंती है। महर्षि वाल्मीकि का वास्तविक नाम रत्नाकर था। इनका पालन पोषण भील समुदाय में हुआ था। भील राहगीरों को लूटने का काम करते थे और वाल्मीकि भी इस काम में लिप्त थे। हालांकि इसे लेकर कई और बाते भी पढ़ने को मिलते है। कुछ मान्यताओं के अनुसार यह भी कहा जाता है […]

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अमेठी का मां अहोरवा भवानी का प्राचीन मंदिर

दिन भर में तीन रूप में परिवर्तित होती है मूर्ति गोमती आवाज ब्यूरो लखनऊ। अमेठी की जमीन पर धार्मिक अनुष्ठान के बहुतेरे केंद्र हैं। इन्हीं में एक नाम मां अहोरवा भवानी का प्राचीन मंदिर है, जिसे अहोरवा भवानी के नाम से जाना जाता है। नवरात्रि में यहां भक्तों की अपार भीड़ जुटती है। जिला मुख्यालय […]

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सच्चे कर्मयोगी है डॉ. कलाम

  भारत माँ के महान सपूत, मिसाइल मैन, राष्ट्र पुरुष, राष्ट्र मार्गदर्शक, महान वैज्ञानिक, महान दार्शनिक, सच्चे देशभक्त ना जाने कितनी उपाधियों से पुकारा जाता था भारत रत्न डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम जी को। वह सही मायने में भारत रत्न थे। इन सबसे भी बढ़कर डॉ. अब्दुल कलाम एक अच्छे इंसान थे। जिन्होंने जमीन से […]

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